वृत्ति कर (प्रोफेशन टैक्स) — वार्षिक कर व कटौती माह — बिहार Bihar Profession Tax Calculator
बिहार वृत्ति कर — वार्षिक आय के अनुसार ₹0, ₹1,000, ₹2,000 या ₹2,500 वार्षिक कर, और नियोक्ता किस माह (सितंबर/फरवरी) के वेतन से काटेगा।
📄 नियम, आधार व स्रोत / Rules & sources ✅ 2 सत्यापित ⚠️ 1 अपुष्ट
बिहार पेशा, व्यापार, आजीविका एवं कार्य नियोजन कर अधिनियम, 2011 की अनुसूची — वाणिज्य-कर विभाग अधिसूचना S.O. 28 दिनांक 02.02.2016: वार्षिक आय ₹3 लाख तक शून्य; ₹3–5 लाख ₹1,000; ₹5–10 लाख ₹2,000; ₹10 लाख से अधिक ₹2,500 प्रति वर्ष ✅। बिहार वृत्ति कर नियमावली, 2011 (S.O. 245 दिनांक 06.09.2011) नियम 5: नियोक्ता वर्ष का कर सितंबर माह के वेतन से काटता है; सितंबर का वेतन मिलने के बाद कर-दायित्व बने या बढ़े तो फरवरी के वेतन से ✅ (संशोधन 2018 व 2021 से दरें/नियम 5 अपरिवर्तित)
🔗 आधिकारिक स्रोत देखेंदरें 11.10.2026 को जाँची गईं। गणना से पहले उस समय लागू आदेश देख लें।✅ आधिकारिक स्रोत से सत्यापित / Verified from official source
- वृत्ति कर (Profession Tax) — वार्षिक आय के अनुसार दरें: वार्षिक आय ₹3 लाख तक शून्य; ₹3–5 लाख ₹1,000; ₹5–10 लाख ₹2,000; ₹10 लाख से अधिक ₹2,500 प्रति वर्ष — 02.02.2016 से · आदेश: वाणिज्य-कर विभाग, बिहार — अधिसूचना S.O. 28 दिनांक 02.02.2016 (बिहार राजपत्र असाधारण 106), बिहार पेशा, व्यापार, आजीविका एवं कार्य नियोजन कर अधिनियम 2011 की अनुसूची · सत्यापन: 11.10.2026 · वाणिज्य-कर विभाग, बिहार
- वृत्ति कर — नियोक्ता द्वारा सितंबर (या फरवरी) के वेतन से कटौती: नियोक्ता सितंबर के वेतन से काटता है; बाद में दायित्व बने/बढ़े तो फरवरी के वेतन से — 06.09.2011 से · आदेश: बिहार वृत्ति कर नियमावली, 2011 — S.O. 245 दिनांक 06.09.2011, नियम 5(1) व 5(4); संशोधन S.O. 273 दि. 20.11.2018 व S.O. 68 दि. 13.01.2022 से नियम 5 अपरिवर्तित · सत्यापन: 11.10.2026 · वाणिज्य-कर विभाग, बिहार
⚠️ अभी आधिकारिक स्रोत से सत्यापित नहीं — उपयोग से पहले संबंधित विभाग के नवीनतम आदेश से पुष्टि करें / Not currently verified
- आयकर की दरें (कर वर्ष 2026-27): सत्यापन लंबित — राष्ट्रीय आयकर नियम — इस अनुभाग की समीक्षा में आधिकारिक प्रति से सत्यापित नहीं (उत्तर प्रदेश/म.प्र. जैसा) · यहाँ पुष्टि करें: आयकर विभाग
यह कैसे काम करता है / How it works
अपनी वार्षिक आय भरें — श्रेणी के अनुसार वार्षिक कर दिखेगा। सरकारी सेवक का कर नियोक्ता एक बार में सितंबर के वेतन से काटता है; सितंबर का वेतन मिलने के बाद कर-दायित्व बने या बढ़े तो फरवरी के वेतन से। पुरानी कर व्यवस्था में यह आयकर से घटता है।